what is secondary memory (सेकेंडरी मेमोरी क्या है?) | Secondary Memory example in Hindi | secondary memory in hindi

what is secondary memory (सेकेंडरी मेमोरी क्या है?) | Secondary Memory example in Hindi | secondary memory in hindi


जय हिंद दोस्तों यदि आप एक छात्र हैं या आप किसी जॉब के लिए कंप्यूटर के पढ़ाई करना चाहते हैं या फिर कंप्यूटर के पढ़ाई कर रहे हैं तो आप लोगों को अधिकतर कंप्यूटर के secondary memory (सेकेंडरी मेमोरी) के बारे में सुनने को अवश्य मिलता होगा परंतु क्या आप लोग जानते हैं की what is secondary memory ( सेकेंडरी मेमोरी क्या है?)  और इन secondary memory (सेकेंडरी मेमोरी) के कंप्यूटर में कौन-कौन से कार्य तथा इनका उपयोग कहां पर होता है। अधिकतर बहुत से छात्रों को सेकेंडरी मेमोरी के बारे में पता ही नहीं होता है की what is secondary memory ( सेकेंडरी मेमोरी क्या है?)  आप लोगों को भी सेकेंडरी मेमोरी की जानकारी नहीं है तो कोई बात नहीं क्योंकि आज हम अपने इस आर्टिकल मैं आप लोगों के लिए सेकेंडरी मेमोरी से 
संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी लेकर आया हूं। जैसे (1) Secondary Memory types in Hindi, (2) Secondary Memory example in Hindi (3) secondary memory in hindi, यदि आप what is secondary memory ( सेकेंडरी मेमोरी क्या है?) की पूरी जानकारी बेहद सरल और स्पष्ट शब्दों में चाहते हैं तो आप हमारे इस आर्टिकल को अंत तक पढ़ें तो आइए हम बिना देरी किए सेकेंडरी मेमोरी को शुरू करते हैं ।

Secondary Memory क्या है ? और Secondary Memory के प्रकार क्या होता है। आपने Memory का नाम पहले जरुर सुना होगा। इसका आप इस्तेमाल भी किए होंगे और देखे भी होंगे। यह प्रत्येक Computer और Mobile जैसे डिवाइसेज का एक महत्वपूर्ण भाग होता है।

Secondary Memory
What is Secondary Memory


What is Secondary Memory & Secondary Storage Devices -  सेकेंडरी मेमोरी कंप्यूटर के इंटरनल एक्सटर्नल स्टोरेज डिवाइस है जो कंप्यूटर के अंदर या बाहर होती हैं या प्रोग्राम और डाटा को स्थाई रूप से संग्रहित करता है आप इसे कंप्यूटर से अलग होने पर भी डाटा को कभी भी एक्सेस कर सकते हैं प्राइमरी मेमोरी में डाटा को स्थाई रूप से एक्सेस नहीं कर सकते और प्राइमरी मेमोरी की लागत सेकेंडरी मेमोरी से बहुत अधिक होती है सेकेंडरी मेमोरी की गति धीमी होती है लेकिन यह सस्ता होता है। फ्लॉपी डिस्क हार्ड ड्राइव सीडी डीवीडी पेन ड्राइव आदि यह सभी सेकेंडरी स्टोरेज डिवाइस ही होती हैं।


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मेमोरी क्या है? (what is memory)---https://youtu.be/M1RR8TLBa-E


सेकेंडरी मेमोरी (Secondary Memory) को तीन भागों में विभाजित किया गया है ----

(1) ऑप्टिकल डिस्क
(2) मैग्नेटिक डिवाइस
(3) फ्लैश मेमोरी

सेकेंडरी मेमोरी (Secondary Memory) के उदाहरण--

(1) ऑप्टिकल डिस्क (Optical Disk)

ऑप्टिकल डिस्क एक Secondary Storage Device होता है और इसका इस्तेमाल डेटा स्टोरेज के लिए किया जाता है। ऑप्टिकल डिस्क में डेटा बाइनरी फॉर्म में स्टोर रहता है तथा इसमें डेटा को स्टोर करने के लिए लेजर बीम तकनीकी का इस्तेमाल किया जाता है । ऑप्टिकल डिस्क में डेटा को लम्बे समय तक सुरक्षित स्टोर करके रखा जा सकता है।

ऑप्टिकल डिस्क गोल चमकदार डिस्क होती है जिसका व्यास 3 इंच से 12 इंच तक हो सकता है । और इसकी मोटाई 0.05 इंच तक हो सकती है. आज के समय में ऑप्टिकल डिस्क का इस्तेमाल बहुत कम देखने को मिलता है।

Hard Medium पर लाइट के द्वारा डेटा स्टोर करने की पहली तकनीकी का आविष्कार James T. Russell ने 1960 दशक के अंत में किया था। Russell की प्रारंभिक संरचना वर्तमान समय के ऑप्टिकल डिस्क से मिलती – जुलती थी.

1970 के दशक में Russell ने अपने डिजाईन को Refine करना जारी रखा और यही से CD की शुरुवात होने लगी।

1982 Philips और sony ने मिलकर पहला Commercial CD Player को दुनिया के सामने लाया। यहीं से CD को लोकप्रियता हासिल होने लगी।



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ऑप्टिकल डिस्क मुख्य रूप से तीन प्रकार की होती है –

(1) CD (COMPACT DISK )
(2) DVD (DIGITAL VIDEO DISK)
(3) BRD (BLUE RAY DISK)

(1) CD (COMPACT DISK )

इसका पूरा नाम Compact Disk होता हैं। यह एक ऐसा Optical disk Media होता हैं जो हमारे Digital data को save करता हैं। इसमें सामान्य music song, film व software रखा जा सकता हैं। एक समय था जब हम data को रखने के लिए रील वाले कैसेट का उपयोग करते थे। CD के अविष्कार से ही कैसेट को पूरी तरह से खत्म कर दिया हैं। CD की चौड़ाई 1.2mm होती हैं और लंबाई 12cm होती है जिसमें करीब 783MB का data save किया जा सकता हैं। CD हमारे जरूरत के अनुसार तीन प्रकार के होते हैं।

जैसे: CD-ROM, CD-R, CD-RW आदि। CD-ROM में जो data व software होता हैं उसे केवल पढ़ा जा सकता हैं उसमें कोई परिवर्तन नही किया जा सकता हैं। CD-R में हम एक बार data या software डाल सकते हैं फिर दुबारा उसमें कोई परिवर्तन नही कर सकते हैं यह स्थाई होता हैं। CD-RW में जितने बार चाहे उतने बार data या software store व delete किया जा सकता हैं।

(2) DVD (DIGITAL VIDEO DISK)

डीवीडी (DVD) को डिजिटल वीडियो डिस्क या डिजिटल वर्सेटाइल डिस्क कहते हैं जो साधारण CDROM की तुलना में सबसे ज्यादा डाटा स्टोर करने की क्षमता रखते हैं जो साधारण तौर पर 4.7GB या विशेष स्थिति में 45 से 50 GB तक डाटा स्टोर कर सकते हैं या बिल्कुल CDROM की तरह दिखती है। एक डीवीडी (DVD) को CDROM ड्राइव से एक्सेस या रीड नहीं किया जा सकता है क्योंकि इसमें पिट्स होते हैं।

(3) BRD (BLUE RAY DISK)

Blue Ray Disc एक प्रकार की Optical Disc है जिसमें हम बड़े आकार के डेटा को भी स्टोर कर सकते हैं. आजकल Blue Ray Disc का इस्तेमाल व्यापक रूप से Secondary Memory के लिए किया जाता है. DVD की भांति ही Blue Ray Disc में डेटा को लेयर में स्टोर किया जाता है. लेकिन DVD की एक लेयर में 4.7 GB डेटा को स्टोर किया जा सकता है लेकिन Blue Ray Disc की एक लेयर में 25 GB डेटा को स्टोर किया जा सकता है. Blue Ray Disc का इस्तेमाल HD विडियो को स्टोर करने के लिए किया जाता है।

(2)  मैग्नेटिक डिस्क (Magnetic Disk)

Magnetic Disk डाटा स्टोर करने का एक डिवाइस है जो डेटा को लिखने, पढ़ने और हम तक पहुँचाने के लिए Magnetization Process का इस्तेमाल करती है। इस Magnetic Disk को एक मैग्नेटिक कोडिंग से कवर किया जाता है। यह डिस्क अपने अंदर डाटा को ट्रैक्स, स्पॉट्स तथा सेक्टर्स के रूप में save करती है।

Magnetic Disk Examples

(1) Hard Disk
(2) Floppy Disk

(1) हार्ड डिस्क (Hard Disk)-- हार्ड डिस्क एक मैग्नेटिक डिस्क है जो धातु से बनी होती है और मैग्नेटिक रिकॉर्डिंग सतह से ढकी होती है एक एकल हार्ड डिस्क में आमतौर पर अनेक प्लॉटर्स होते है। 500GB, 1TB,  30TB, और इससे भी अधिक डाटा को स्टोर करने के लिए बाजारों में बहुत अधिक क्षमता वाली हार्ड डिस्क उपलब्ध हो गई हैं।

(3) फ्लॉपी डिस्क (Floppy Disk)-- फ्लॉपी डिस्क एक मैग्नेटिक टेप पर आधारित डिवाइस होती है जो डाटा या सूचना को परमानेंटली स्टोर करता है इसमें ट्रैक एवं चैप्टर होते हैं इस मेमोरी की कैपेसिटी (क्षमता) 1.44MB होती है।

(3) Flash memory (फ्लैश मेमोरी)

फ़्लैश मेमोरी एक स्थायी या Non Volatile मेमोरी है। जिसका इस्तेमाल डेटा को स्टोर करने के लिए किया जाता है। डेटा स्टोर करने के साथ-साथ फ़्लैश मेमोरी का प्रयोग डेटा का बैकअप तथा हस्तांतरण में भी किया जाता है।

Flash memory के प्रकार | Types of flash memory

Flash memory निम्न प्रकार के होते है।

(1) NOR-flash memory
(2) NAND Flash memory

(1) NOR-flash memory --- Intel ने इसे वर्ष 1998 में Processor के उपयोग के लिए बनाया था। इस मेमोरी के Content को मिटने की गति NAND Flash memory की तुलना में काफी कम होती है। लेकिन वर्तमान में अधिकाँश micro-control में इसी फ़्लैश मेमोरी का प्रयोग किया जाता है। यह मेमोरी location में stored data को कही से भी  बहुत आसानी से ढूंढ सकती है ।

(2) NAND Flash memory----वर्तमान समय में इस flash memory का प्रयोग Pen-drive और SD-card के रूप में बहुत अधिक किया जाता है। यह काम जगह में बढे पैमाने  पार data को store करने का साबसे अच्छा उदाहरण है और साथ ही यह NOR-Flash की तुलना में काफी कम किम्मत की भी होती है। सबसे पहले इस मेमोरी को Toshiba ने इसे वर्ष 1998 में बनाया था।


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(1) what is Input device----https://youtu.be/q28xJVDDoLo

(2) Generation of Computer---https://youtu.be/nmXhCHGp04o

दोस्तों यह हमारी सेकेंडरी मेमोरी (secondary memory) थी। हमें उम्मीद है कि आप लोगों को सेकेंडरी मेमोरी के जानकारी समझ में आई होगी कि सेकेंडरी मेमोरी कितने प्रकार (types of primary memory) की होती है तथा सेकेंडरी मेमोरी से संबंधित हर एक topic आप लोगों को समझ में आ गया होगा यदि आप लोगों को सेकेंडरी मेमोरी समझ में नहीं आई है तो इसके लिए हमारे यूट्यूब चैनल R truth point पर प्राइमरी मेमोरी से संबंधित वीडियो अपलोड कर दी गई है आप चैनल पर जाकर वीडियो को देख सकते हैं और वहां से मेमोरी क्या है? (what is memory) तथा प्राइमरी मेमोरी और सेकेंडरी मेमोरी की फुल जानकारी दी गई है।

आर्टिकल पढ़ने के लिए --- धन्यवाद


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